आपके शहर में आपके अधिकार: विधायक-सांसद की जिम्मेदारियाँ और आवाज़ दबाने पर क्या करें?
हमारे देश में “जनता ही असली मालिक है” वाली बात तो हर नेता करता है, लेकिन जब बात आती है गंदी नालियाँ, टूटी सड़कें, 10-12 घंटे की बिजली कटौती, या पीने के पानी की किल्लत की, तो यही “मालिक” (यानी हम जनता) को झाड़ू लेकर खुद ही समस्या सुलझानी पड़ती है।
लेकिन सच यह है कि आपके विधायक (MLA) और सांसद (MP) की ड्यूटी बनती है कि वो आपकी समस्याएँ सुनें और उनका समाधान करवाएँ। अगर कोई आपकी आवाज़ दबाने की कोशिश करे, तो कानून आपके साथ है। यहाँ जानिए पूरी गाइड – Hinglish मिक्स्ड और सरल भाषा में।
Part 1: विधायक (MLA) और सांसद (MP) की असली जिम्मेदारियाँ क्या हैं?
📌 विधायक (MLA) का काम – “लोकल हीरो”
आपके विधानसभा क्षेत्र के MLA की मुख्य जिम्मेदारियाँ:
✅ नगर निगम/ग्राम पंचायत को फंड दिलवाना – सफाई, सड़क, पानी जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए पैसा आवंटित करवाना।
✅ जनता की शिकायतें सुनकर अधिकारियों पर प्रेशर बनाना – अगर आपके इलाके में कूड़े का ढेर लगा है या सीवर लाइन फटी है, तो MLA के ऑफिस में शिकायत लिखित दर्ज कराएँ।
✅ विधानसभा में सवाल पूछना – MLA, सरकार से आपके क्षेत्र की समस्याओं पर सीधे स्टेट असेंबली में पूछताछ कर सकता है।
✅ लोकल डेवलपमेंट वर्क – पार्क, स्कूल, अस्पताल जैसी योजनाओं को पास करवाना।
Example: अगर आपके सोसाइटी के सामने सड़क पर गड्ढे हैं, तो सीधे MLA के कॉन्स्टीट्यूएंसी ऑफिस जाकर कम्प्लेंट दर्ज करें।
📌 सांसद (MP) का काम – “बड़े भैया”
आपके लोकसभा क्षेत्र के MP की जिम्मेदारियाँ:
✅ केंद्र सरकार से फंड लाकर बड़े प्रोजेक्ट्स चलवाना – जैसे फ्लाईओवर, मेट्रो, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट।
✅ संसद में आपके शहर/गाँव के मुद्दे उठाना – MP, PM या मंत्रियों से बिजली, पानी, ट्रांसपोर्ट जैसी समस्याओं पर सवाल पूछ सकता है।
✅ MPLAD फंड का सही इस्तेमाल – हर MP को ₹5 करोड़ सालाना मिलते हैं लोकल डेवलपमेंट के लिए। आप पता करें कि आपके MP ने यह पैसा कहाँ खर्च किया? (RTI से पूछ सकते हैं!)
Pro Tip: अगर आपके पूरे शहर में पानी की कमी है, तो MP को टैग करके #WaterCrisis ट्रेंड करवाएँ।
Part 2: अगर कोई आपकी आवाज़ दबाने की कोशिश करे, तो क्या करें?
कई बार नेता, अधिकारी या दबंग लोग शिकायत करने वालों को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश करते हैं। लेकिन भारत का संविधान और कानून आपके साथ है। यहाँ हैं 5 पावरफुल तरीके जिनसे आप अपनी सुरक्षा कर सकते हैं:
1. धमकी देने वाले के खिलाफ FIR दर्ज करें (IPC धारा 506)
अगर कोई कहता है – “शिकायत वापस लो, नहीं तो तुम्हें पता है…”
- तुरंत पुलिस में जाकर FIR लिखवाएँ (IPC Section 506 – आपराधिक धमकी)।
- वॉइस रिकॉर्डिंग या वीडियो प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल करें।
2. RTI और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें
- RTI डालकर पूछें: “मेरी शिकायत पर क्या एक्शन लिया गया?”
- Twitter/FB पर वायरल करें – #मेरी_आवाज_दबाओ_मत जैसे हैशटैग के साथ।
3. जिला अधिकारी (DM/Collector) को लिखित शिकायत भेजें
- DM के पास सबसे ज्यादा पावर होती है। उन्हें रजिस्टर्ड पत्र भेजें।
4. राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) में केस दर्ज कराएँ
अगर आपको गाली-गलौज, धमकी या हिंसा का सामना करना पड़े, तो SHRC में ऑनलाइन शिकायत करें।
5. मीडिया और NGOs की मदद लें
- लोकल न्यूज़ चैनल्स को कॉल करें।
- अन्ना हजारे के ‘आम आदमी पार्टी’ या ‘जनसेवा संगठन’ जैसे NGOs से संपर्क करें।
Part 3: आम नागरिक कैसे बने “सुपर सिटिज़न”?
📢 Step 1: शिकायत दर्ज करें (ऑनलाइन/ऑफलाइन)
- CPGRAMS (https://pgportal.gov.in/) – केंद्र सरकार का शिकायत पोर्टल।
- नगर निगम की वेबसाइट – जैसे दिल्ली में MCD.
📢 Step 2: ग्रुप बनाएँ – “एकला चलो नहीं, साथ मिलकर चलो!”
- 10-15 लोगों का ग्रुप बनाएँ और सामूहिक शिकायत भेजें।
- WhatsApp ग्रुप बनाकर लोकल इश्यूज़ पर चर्चा करें।
📢 Step 3: वोट का सही इस्तेमाल करें
- अगला चुनाव आते ही पूछें: “आपने हमारी समस्याएँ सुलझाने के लिए क्या किया?”
- जवाब न मिले तो वोट न दें!
निष्कर्ष: “डर नहीं, डटकर सामना करो!”
हम भारतीय अक्सर “यार, कोई सुनता नहीं है” कहकर हार मान लेते हैं। लेकिन अगर आप सही तरीके से आवाज़ उठाएँ, तो सिस्टम आपके सामने झुकता है।
- शिकायत दर्ज करो।
- RTI डालो।
- सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराओ।
- अगर कोई डराए, तो कानूनी एक्शन लो।
“अधिकार माँगने से मिलते हैं, भीख माँगने से नहीं!” – बाबासाहेब अंबेडकर
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ कि आपने शिकायत की और किसी ने आपको डराया? कमेंट में बताएँ!