Music Producer Kaise Banate Hain Non-Copyright Music Ko Copyright? | YouTube Monetization Guide

Music Producer Kaise Non-Copyright Music Ko Copyright De Kar YouTube Se Paisa Kamate Hain

जानिए कैसे Music Producer Non-Copyright Music को अपना Copyright बना कर YouTube से पैसे कमाते हैं। Content ID, Royalty-Free Music और YouTube Monetization की पूरी जानकारी हिंदी में।

नमस्ते दोस्तों! अगर आप एक YouTuber हैं या Music बनाने का शौक रखते हैं, तो आपने “Non-Copyright Music” और “Royalty-Free Music” जैसे शब्द जरूर सुने होंगे। आपने देखा होगा कि हज़ारों YouTube Channels इन्हीं गानों का इस्तेमाल करके वीडियो बनाते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिसे हम “Non-Copyright” कहते हैं, उस पर कोई Music Producer अपना Copyright कैसे claim कर लेता है? और फिर वो उससे YouTube से पैसे कैसे कमाता है?

आज का यह ब्लॉग आपके इसी सवाल का जवाब है। हम विस्तार से जानेंगे कि यह पूरा सिस्टम कैसे काम करता है और एक म्यूजिक प्रोड्यूसर की इनकम का राज़ क्या है।

(H2) Non-Copyright Music और Royalty-Free Music क्या होता है?

सबसे पहले इन दोनों terms को समझ लेना जरूरी है। अक्सर लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं, लेकिन थोड़ा फर्क है।

  • Non-Copyright Music (No Copyright Music): Technically, ऐसा कोई music नहीं होता जिसका कोई copyright न हो। हर रचना का एक मालिक होता है। “Non-Copyright” का मतलब है कि मालिक (Music Producer) ने आपको यह permission दे दी है कि आप उसकी म्यूजिक को बिना कॉपीराइट स्ट्राइक के इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें अक्सर credit देने की शर्त होती है।
  • Royalty-Free Music: इसका मतलब यह नहीं है कि म्यूजिक “फ्री” है। इसका मतलब है कि आपने म्यूजिक को इस्तेमाल करने का लाइसेंस एक बार खरीद लिया (या उसे फ्री में डाउनलोड किया), और अब आपको हर बार इस्तेमाल पर अलग से Royalty (भुगतान) नहीं देना पड़ेगा। यह भी एक तरह का permission ही है।

ध्यान रखें: “Non-Copyright” या “Royalty-Free” का मतलब यह कतई नहीं है कि अब उस म्यूजिक का कोई मालिक नहीं है। मालिक (प्रोड्यूसर) अभी भी है, बस उसने आपको इस्तेमाल की छूट दे दी है।

(H2) Music Producer Apna Version Bana Kar Copyright Kaise Lete Hain?

अब आता है सबसे दिलचस्प हिस्सा। जो म्यूजिक हम “Non-Copyright” समझकर इस्तेमाल करते हैं, प्रोड्यूसर उस पर अपना कॉपीराइट कैसे जमाते हैं? प्रक्रिया कुछ इस तरह है:

  1. म्यूजिक का निर्माण (Creation): सबसे पहले Music Producer अपना original music track बनाता है। यह पूरी तरह से उसकी अपनी रचना होती है।
  2. लाइसेंस तैयार करना (Licensing): प्रोड्यूसर अपने इस ट्रैक के लिए एक लाइसेंस एग्रीमेंट तैयार करता है। यही एग्रीमेंट उसे “Non-Copyright” या “Royalty-Free” का tag देता है। इस एग्रीमेंट में लिखा होता है कि “आप मेरे इस ट्रैक को अपने YouTube वीडियो में इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते आप मुझे credit दें।”
  3. कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन (Copyright Registration): अपने original track का कॉपीराइट प्रोड्यूसर के पास पहले से ही होता है। वह इसे officially अपने देश की Copyright Office में रजिस्टर भी करवा सकता है ताकि कानूनी दावा और मजबूत हो जाए।
  4. YouTube के Content ID System में दर्ज करना (Registration in Content ID): अब प्रोड्यूसर अपने इसी ट्रैक को YouTube के Content ID सिस्टम में अपनी “संपत्ति” के रूप में दर्ज (register) करवा देता है। यहीं से जादू शुरू होता है।

(H2) YouTube Content ID System Kaise Kaam Karta Hai?

Content ID YouTube की एक बहुत शक्तिशाली technology है। यह एक डिजिटल फिंगरप्रिंट सिस्टम की तरह काम करता है।

  • जब कोई Music Producer अपना ट्रैक Content ID में डालता है, YouTube उस ट्रैक का एक “डिजिटल फिंगरप्रिंट” (Audio Fingerprint) बना लेता है।
  • अब जब भी कोई YouTuber पूरी दुनिया में उस ट्रैक का इस्तेमाल अपने वीडियो में करता है, YouTube का सिस्टम automatically उस वीडियो को स्कैन करके इस फिंगरप्रिंट से मिलान करता है।
  • मिलान होते ही YouTube प्रोड्यूसर को बता देता है, “सर, आपका ट्रैक इस वीडियो में इस्तेमाल हुआ है।”
  • अब प्रोड्यूसर के पास तीन विकल्प होते हैं:
    1. मोनेटाइज (Monetize): वीडियो पर ads चलाकर कमाई खुद ले लेना।
    2. ट्रैक (Track): सिर्फ वीडियो के analytics (आंकड़े) देखना, जैसे कि वीडियो कहाँ-कहाँ चल रहा है।
    3. ब्लॉक (Block): वीडियो को पूरी तरह से ब्लॉक कर देना।

चूंकि प्रोड्यूसर ने खुद ही उस ट्रैक को “इस्तेमाल करने की छूट” दे रखी है, इसलिए वह “मोनेटाइज” का विकल्प चुनता है। इससे वीडियो ब्लॉक नहीं होता, बस उस पर चलने वाले ads की कमाई प्रोड्यूसर को मिलने लगती है।

(H2) Producers Kis Tarah Se Apna Music Monetize Karte Hain? (Music Producer Income)

एक Music Producer के लिए YouTube Monetization एक passive income का बहुत बड़ा जरिया है। उनकी कमाई के मुख्य स्रोत हैं:

  • Content ID Earnings: हज़ारों-लाखों YouTubers उनके ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं। हर वीडियो से थोड़ी-थोड़ी ad revenue जमा होती रहती है, जो महीने के अंत में एक बड़ी रकम बन जाती है।
  • लाइसेंस बेचना (Selling Licenses): बड़े brands或 TV channels को direct हाई-क्वालिटी के लाइसेंस sell करना। यह Content ID से भी ज्यादा profitable हो सकता है।
  • प्रीमियम मेम्बरशिप (Premium Membership): अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर, लोगों से monthly subscription fee लेना ताकि वे उनके पूरे म्यूजिक लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकें।
  • Sponsorships और Partnerships: Popular होने पर music libraries或 audio gear companies के साथ sponsorship deals करना।

(H2) Legal Risks aur Misuse ke Cases

यह सिस्टम बहुत अच्छा है, लेकिन इसमें दुरुपयोग (Misuse) की भी पूरी संभावना है।

  • Fake Claims: कुछ बेईमान लोग/कंपनियाँ ऐसे ट्रैक्स को भी Content ID में register करवा देते हैं जिनके वे असली मालिक नहीं होते (जैसे classical music或 traditional folk songs)। फिर वे उन वीडियोस पर claim करके पैसा कमाते हैं जहाँ उस म्यूजिक का इस्तेमाल हुआ है।
  • False Positives: कभी-कभी Content ID की technology गलती कर देती है और किसी दूसरे similar-sounding audio पर भी claim कर देती है।
  • YouTubers के लिए Risk: अगर आपने किसी Track का इस्तेमाल किया है जो “Non-Copyright” होने का दावा करता है, लेकिन असल में उसका मालिक कोई और है, तो आपके चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक भी आ सकती है।

बचाव का तरीका: हमेशा भरोसेमंद स्रोतों जैसे YouTube Audio Library, Epidemic Sound, Artlist.io जैसी reputed websites से ही म्यूजिक डाउनलोड करें। इन websites के पास artists के साथ सीधे agreements होते हैं।

(H2) Step-by-Step Guide: Apna Music Content ID me Kaise Register Karein?

अगर आप एक Music Producer हैं और अपने ट्रैक्स को Content ID में register करवाना चाहते हैं, तो steps कुछ यूँ हैं:

  1. Original Music Banayein: सबसे पहले अपना खुद का 100% original music track produce करें।
  2. Music Distributor Chunein: YouTube सीधे individual artists को Content ID access नहीं देता। इसके लिए आपको एक YouTube Partnered Music Distributor की जरूरत पड़ेगी। जैसे: TuneCore, DistroKid, CDBaby आदि।
  3. Distributor ke Saath Sign Up Karein: इनमें से किसी एक distributor के साथ account बनाएँ। आमतौर पर एक yearly fee或 per-release fee होती है।
  4. Apna Track Upload Karein: अपना ट्रैक अपलोड करते समय, distributor का फॉर्म भरें। इसमें एक option होगा जिसे ” monetize with Content ID” या “YouTube Monetization” कहा जाता है। इस option को जरूर select करें।
  5. Review aur Release: Distributor आपके ट्रैक को review करेगा और फिर उसे YouTube के Content ID database में भेज देगा। कुछ हफ्तों बाद, आपका ट्रैक सिस्टम में active हो जाएगा।

(H2) Conclusion: Naye Music Creators ke liye Tips

अगर आप इस फील्ड में नए हैं और Music Producer बनकर पैसा कमाना चाहते हैं, तो यह एक बेहतरीन तरीका है। शुरुआत में थोड़ा मेहनत ज्यादा लगेगी, लेकिन लंबे समय में यह एक sustainable income source बन सकता है।

  • Quality over Quantity: एक ही high-quality track बनाएं, बजाय दस average tracks के। एक अच्छा ट्रैक हजारों वीडियो में इस्तेमाल होगा।
  • Be Patient: कमाई तुरंत नहीं होगी। ट्रैक के viral होने और लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने में time लगता है।
  • Learn Marketing: अपने music को social media上 promote करें। YouTubers को tag करें। अपना एक YouTube channel或 website बनाएँ।
  • Legal Side Samjhein: हमेशा original content ही बनाएं और distribute करें। दूसरों के copyright की चोरी न करें।

(H2) FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

(H3) 1. क्या Non-Copyright Music का इस्तेमाल करने पर मेरे वीडियो पर claim आ सकता है?
हाँ, आ सकता है। अगर उस म्यूजिक का मालिक (Producer) ने उसे Content ID में register करवा रखा है, तो claim आएगा। लेकिन अगर आपने producer द्वारा बताई गई शर्तें (जैसे credit देना) पूरी कर दी हैं, तो आपका वीडियो ब्लॉक नहीं होगा, बस ads की कमाई producer को जाएगी।

(H3) 2. क्या मैं खुद कोई पुराना Non-Copyright Music Download करके उसे Content ID में डाल सकता हूँ?
बिल्कुल नहीं। यह एक गंभीर कॉपीराइट उल्लंघन है। Content ID में सिर्फ वही music register हो सकता है जो आपका खुद का original creation हो। दूसरे के काम पर claim करना illegal है और आपका distributor account ban हो सकता है।

(H3) 3. Music Producer के तौर पर शुरुआत में कितना investment चाहिए?
शुरुआत में ज्यादा investment की जरूरत नहीं है। एक अच्छा laptop, DAW Software (जैसे FL Studio, Ableton का trial version), और एक decent headphones काफी हैं। असली investment आपका time और creativity है।

(H3) 4. क्या Content ID से कमाई के लिए YouTube Partner Program (1000 Subscribers) जरूरी है?
नहीं! यह सबसे बड़ा भ्रम है। आपके Music Producer Income का Content ID से सीधा कोई connection आपके personal YouTube channel के subscribers से नहीं है। आपके ट्रैक का इस्तेमाल दुनिया के किसी भी YouTuber के वीडियो में होने पर आपको कमाई होगी, चाहे आपके अपने चैनल के 0 ही subscribers क्यों न हों।

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