“जानिए कैसे भोपाल के छोटे मिठाई विक्रेता सुरेश ने महज ₹100 में CSC के जरिए FSSAI लाइसेंस बनवाया और अपनी दुकान को Zomato पर लॉन्च किया। यहां है हर स्टेप की डिटेल…”
FSSAI लाइसेंस क्यों जरूरी है?
सुरेश जैसे छोटे व्यापारियों के लिए FSSAI (खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण) लाइसेंस अनिवार्य है अगर वे:
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Zomato, Swiggy) पर बिक्री करना चाहते हैं।
- अपने उत्पादों को पैक करके बेचते हैं।
- खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन साबित करना चाहते हैं।
सुरेश का कन्फ्यूजन: “मैं तो सिर्फ मिठाई बेचता हूँ, मेरे लिए ये लाइसेंस क्यों?”
समाधान: FSSAI लोगो से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन आसान हो जाता है।
स्टेप 1: FSSAI लाइसेंस का प्रकार चुनना
CSC के राजू भैया ने सुरेश को समझाया कि FSSAI तीन तरह का होता है:
| लाइसेंस प्रकार | टर्नओवर सीमा | फीस (सालाना) |
|---|---|---|
| बेसिक रजिस्ट्रेशन | 12 लाख तक | ₹100 |
| स्टेट लाइसेंस | 12 लाख से 20 करोड़ | ₹2,000 |
| सेंट्रल लाइसेंस | 20 करोड़ से अधिक | ₹7,500 |
सुरेश का चुनाव: उसका सालाना टर्नओवर ₹9.6 लाख था, इसलिए उसने बेसिक रजिस्ट्रेशन चुना।
स्टेप 2: डॉक्यूमेंट्स की तैयारी
राजू भैया ने बताए ये 5 जरूरी कागजात:
- आधार कार्ड: सुरेश का आधार (पता दुकान के समान होना चाहिए)।
- निवास प्रमाण: बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट (अगर दुकान किराए पर है तो मकान मालिक का NOC)।
- पासपोर्ट साइज फोटो: 2 कॉपी (सफेद बैकग्राउंड)।
- मोबाइल नंबर: आधार से लिंक्ड (OTP के लिए)।
- स्व-घोषणा पत्र: CSC पर ही बना, जिसमें सुरेश ने लिखा कि वह सही जानकारी दे रहा है।
ध्यान रखें: अगर दुकान का पता आधार पर नहीं है, तो नोटरी से एफिडेविट बनवाना पड़ेगा।
स्टेप 3: CSC पर ऑनलाइन आवेदन
सुरेश ने CSC में ये प्रक्रिया पूरी की:
- वेबसाइट ओपन करना: FSSAI पोर्टल पर “Apply for License” पर क्लिक किया।
- फॉर्म भरना:
- बिजनेस का नाम: “मिठास घर”
- पता: भोपाल का स्थानीय एरिया
- उत्पाद की श्रेणी: “मिठाई और बेकरी आइटम” चुना।
- डॉक्यूमेंट अपलोड: आधार, एड्रेस प्रूफ, फोटो स्कैन किए।
- पेमेंट: ₹100 ऑनलाइन (UPI से) जमा किए।
- रसीद और रेफरेंस नंबर: प्रिंटआउट लिया, जिसमें 14 अंकों का FSSAI नंबर था।
समयसीमा: 48 घंटे में SMS के जरिए लाइसेंस मिल गया।
कुल खर्च का ब्योरा
सुरेश को FSSAI बनवाने में सिर्फ ₹100 लगे (सरकारी फीस)। CSC ने कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया। हालांकि, कुछ CSC केंद्र ₹50-100 सर्विस चार्ज ले सकते हैं, लेकिन सरकारी नियमों के अनुसार ये अनिवार्य नहीं है।
ध्यान दें: अगर आप खुद ऑनलाइन आवेदन करते हैं, तो CSC का चार्ज बच सकता है, लेकिन फॉर्म में गलती होने का रिस्क रहता है।
स्टेप 4: Zomato/Swiggy पर ऑनबोर्डिंग
FSSAI लाइसेंस मिलने के बाद सुरेश ने ये कदम उठाए:
- Zomato पार्टनर एप डाउनलोड किया।
- दुकान का नाम, पता, FSSAI नंबर, और मेनू डिटेल्स (जैसे “काजू कतली – ₹350/500 ग्राम”) भरा।
- बैंक अकाउंट डिटेल्स जोड़ीं (ऑर्डर की कमाई सीधे अकाउंट में आने के लिए)।
- Zomato टीम ने 24 घंटे में वेरिफाई कर लाइव कर दिया।
स्विगी के लिए: प्रक्रिया लगभग समान है, बस अलग ऐप का इस्तेमाल करना होता है।
सुरेश की सफलता के आंकड़े
- लागत: FSSAI लाइसेंस – ₹100, Zomato रजिस्ट्रेशन – मुफ्त।
- कमाई: पहले महीने से ही ₹15,000 अतिरिक्त आमदनी।
- ग्राहक रिव्यू: 4.5 स्टार रेटिंग के साथ 200+ ऑर्डर महीने में।
ध्यान देने वाली बातें (गलतियाँ न करें!)
- टर्नओवर गलत बताना: अगर बेसिक रजिस्ट्रेशन लेकर टर्नओवर 12 लाख से अधिक हो जाए, तो जुर्माना लगेगा।
- झूठे दस्तावेज़: आधार और बिजली बिल का पता मेल नहीं खाने पर लाइसेंस रद्द हो सकता है।
- लाइसेंस नवीनीकरण भूलना: हर साल फीस जमा करें, वरना लाइसेंस एक्सपायर हो जाएगा।
- CSC वाले को डिटेल न बताना: अगर पहले से कोई FSSAI लाइसेंस था, तो उसका डिटेल दें।
निष्कर्ष: छोटा खर्च, बड़ा फायदा
सुरेश की कहानी साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का फायदा उठाकर छोटे व्यापारी बिना एजेंट के भी ऑनलाइन बिजनेस शुरू कर सकते हैं। “FSSAI लाइसेंस सिर्फ एक कागज नहीं, ग्राहकों के भरोसे की मोहर है,” सुरेश गाँव वालों को समझाता है।
तो फिर, अपने नजदीकी CSC पर जाएँ, FSSAI लाइसेंस बनवाएँ, और अपने व्यवसाय को डिजिटल पंख लगाएँ! 🚀
“सही जानकारी और सरकारी सहयोग से हर छोटा सपना बड़ी सफलता बन सकता है!” – सुरेश, मिठास घर